<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><?xml-stylesheet href="http://www.blogger.com/styles/atom.css" type="text/css"?><feed xmlns='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:openSearch='http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/' xmlns:georss='http://www.georss.org/georss' xmlns:gd='http://schemas.google.com/g/2005' xmlns:thr='http://purl.org/syndication/thread/1.0'><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256</id><updated>2012-02-16T20:10:20.433-08:00</updated><title type='text'>प्रहलाद सिह शेखावत</title><subtitle type='html'></subtitle><link rel='http://schemas.google.com/g/2005#feed' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/posts/default'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default?max-results=100'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/'/><link rel='hub' href='http://pubsubhubbub.appspot.com/'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><generator version='7.00' uri='http://www.blogger.com'>Blogger</generator><openSearch:totalResults>21</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>100</openSearch:itemsPerPage><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-3887746370305312220</id><published>2012-01-28T11:13:00.000-08:00</published><updated>2012-01-28T11:14:14.775-08:00</updated><title type='text'></title><content type='html'>&lt;script type="text/javascript" src="http://cdn.widgetserver.com/syndication/subscriber/InsertWidget.js"&gt;&lt;/script&gt;&lt;script type="text/javascript"&gt;if (WIDGETBOX) WIDGETBOX.renderWidget('75ae7f10-d2b2-4f8d-ae6b-1abff326b11c');&lt;/script&gt;&lt;br /&gt;&lt;noscript&gt;Get the &lt;a href="http://www.widgetbox.com/widget/aquarium-clock"&gt;Aquarium Clock&lt;/a&gt; widget and many other &lt;a href="http://www.widgetbox.com/"&gt;great free widgets&lt;/a&gt; at &lt;a href="http://www.widgetbox.com"&gt;Widgetbox&lt;/a&gt;! 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href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2012/01/if-widgetbox-widgetbox.html' title=''/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-3915800418626057646</id><published>2011-10-26T02:10:00.000-07:00</published><updated>2011-10-26T02:11:12.505-07:00</updated><title type='text'>dipawali</title><content type='html'>&lt;center&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href='http://www.orkutuncle.com/flash_diwali_scraps' target='_blank'&gt;More&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;embed &lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-3915800418626057646?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/3915800418626057646/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=3915800418626057646' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/3915800418626057646'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/3915800418626057646'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2011/10/dipawali.html' title='dipawali'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-7762834738812299562</id><published>2011-10-24T12:23:00.001-07:00</published><updated>2011-10-24T12:23:23.147-07:00</updated><title type='text'>भविष्य में विज्ञान  संचार की प्रासंगिकता</title><content type='html'>प्रौद्योगिकी में उद्योग की ध्वनिवद्यमान है। ऐसा प्रतीत होता है कि इसका आधार उद्योग ही है, लेकिन वास्तव में यह विज्ञान तथा अभियांत्रिकी से जुड़ा विशिष्ट ज्ञान है । यह एक ऐसा साधन है जो मनुष्य को वस्तुनिष्ठ ज्ञान तथा विज्ञान के माध्यम से अपने आस-पास के परिवेश पर व्यावहारिक नियंत्रण रखने की शक्ति प्रदान  करता है। संचार की अवधारणा, संचार की प्रकृति, संचार के मुख्य तत्व, संचार प्रक्रिया, संचार के कार्य, सफल संचार के अवरोधक, ये सभी जटिल प्रक्रिया का परिणाम है जिसके द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच अर्थपूर्ण संदेशों का आदान-प्रदान किया जाता है। ये अर्थपूर्ण संदेश भेजने वाले तथा संदेश पाने वाले के बीच एक समझदार साझेदारी बनाते हैं। संचार के अंतर्गत अनुभवों, विचारों, संदेशों, धारणाओं, दृष्टिकोणों, अभिमतों, सूचना तथा ज्ञान आदि का आदान - प्रदान निहित है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;भारतीय साहित्य (संस्कृत) में संचार के अभिप्राय के अर्थ  को दस अवधारणाओं के माध्यम से स्पष्ट किया गया है ।  प्दबपजपदहए समंकपदहए मजजपदह पद उवजपवदए । बवनतेम लए तवंकए कपािपिबनसज चतवहतमे आदि को लेना चाहिए। संचार प्रक्रिया के पांच चरणों - मौखिक, लिखित, मुदण, दूरसंचार, पारस्परिक क्रियात्मक संचार प्रणाली का भी उल्लेख किया गया है। विदेशी विद्वानों बैल्किन, वर्सिंग तथा बुक्स बेल ने भी इसका अनुमोदन किया है। विज्ञान ने इतनी सफलता प्राप्त कर ली है जिसका अनुमान लगाना संभव नहीं है। विज्ञान का प्रयोग कर मनुष्य अपनी हर समस्या का समाधान  अनुसंधान  चाहता है । विज्ञान  भी नित-प्रति दिन हमारे जीवन को सरल बनाता जा रहा है लेकिन यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसे हम पूर्ण नहीं मान सकते। आज विज्ञान में नए-नए आविष्कार किए जा रहे हैं। विज्ञान कई तरह के प्रयोग कर रहा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ब्रह्मांड में स्थित अनगिनत आकाशगांगाएं वैज्ञानिकों के लिए ऐसे स्रोत हैं जिनसे ब्रह्मांड में विद्यमान अबूझ रहस्यों की गुत्थी  खोल सकते हैं। नासा की हबल दूरबीन ने दस हजार आकाशगंगाओं के चित्र उतारे हैं जिनकी दूरी पृथ्वी से तरह अरब प्रकाश वर्ष दूर मानी जा रही है । एक प्रकाश वर्ष  वह दूरी है जो ''प्रकाश''  एक वर्ष में निर्णीत करता है जबकि प्रकाश  एक सेकंड मेंतीन लाख कि.मी. दूरी तय करता है। हबल को इन तस्वीरों को लेने में चार महीनों का समय लगा । वैज्ञानिकों का मानना है कि ब्रह्मांड की रचना चौदह अरब साल पहले हुई थी। हबल परियोजना के सदस्य डॉ. एंटन कोइमेमोअर के मतानुसार ये आकाशगंगाएं ब्रह्मांड बनने के बाद शुरूआती कुछ वर्षों की हैं।  चंदमा की उत्पत्ति कैसे हुई तथा यह पृथ्वी का चक्कर क्यों लगा रहा है ? यह प्रश्न भी चिरकाल से वैज्ञानिकों को उलझन में डाले हुए था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सौर मंडल के ग्रहों में पृथ्वी से सर्वाधिक समानता मंगल ग्रह की है इसलिए वैज्ञानिक इस पर जीवन ढूंढने की लंबी कवायद कर रहे हैं। इसी प्रयास की कड़ी में स्प्रिट व अपॉर्चुनिटी रोबोमिशन मंगल पर भेजे गए जिनसे अब तक वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए बहुमूल्य आंकड़े  हमें प्राप्त हो रहे हैं । प्रारंभिक अनुसंधान से मंगल में जीवन के कोई प्रमाण नहीं मिले लेकिन कुछ वैज्ञानिक कृत्रिम तरीके से जीवन की परिरिस्थितियों  का निर्माण करने के विषय पर गहन विचार-विमर्श  कर रहे हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वैज्ञानिक  आज डी.एन.ए. कम्प्यूटर बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं । यदि वे सफल हो गए तो एक मिलीग्राम डी.एन.ए. में इतनी जानकारी सेव की जा सकेगी जितनी इस समय पूरी दुनिया मेंप्रिंटिंड मैटीरियल के रूप में मौजूद है । डी.एन.ए. कम्प्यूटर की अवधारणा अभी अपनी आरंभिक अवस्था में है । समय के साथ-साथ इसमें बढ़ोत्तरी देखने लायक होगी। इसके आईपाड में इतना डाटा सेव किया जा सकेगा जो कई हजार सालों का रिकार्ड रख सकेगा । यह न तो खराब होगा और न ही इसकी मेमोरी खत्म होगी। पीढ़ी-दर-पीढ़ी यह जानकारी आपसे आपके बच्चों तक जाती रहेगी। नैनो टेक्नॉलॉजी निकट भविष्य में हमारे जीवन का आधार होने जा रही है। नैनो का अर्थ है - एक बिलियन भाग-एक बिलियन का अर्थ है एक अरब और एक बिलियन भाग यानी   1/1000,000,000 अर्थात 0.000000001/ यदि मीटर में देखें तो नैनोमीटर = 109 मीटर  (यदि 10 हाइड्रोजन परमाणु  को एक पंक्ति में लगा दिया जाए, तब  1दउ  (नैनोमीटर) दूरी में 10 हाइड्रोजन परमाणुओं को एक पंक्ति  में लगा दिया जाए तब   1दउ  (नैनोमीटर) की दूरी में 10 हाइड्रोजन परमाणु समा जाएंगे। अब स्केननिंग  प्रोब सूक्ष्मदर्शी द्वारा उस संरचना का वर्णन करना संभव हो गया है, जिसे हम देख नहीं सकते हैं। कोई ऐसा पदार्थ या संयंत्र या उपकरण अथवा उसका कोई भी ऐसा भाग, जिसका आकार एक नैनोमीटर या उससे भी कम हो और जो  पूरी तरह कार्यशील होकर  प्रौद्योगिकी के उपयाग में आए, उससे जुड़ा हुआ विज्ञान नैनो टेक्नोलॉजी कहलाता है। यह एक ऐसी तकनीक है, जिसमें आणविक स्तर पर पदार्थों का निर्माण तथा उसका ढांचा तैयार किया जाता है, जो एक उन्नत तकनीक का प्रतिनिधित्व करता है। इसका प्रारंभ प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी, रिचार्ड फैनमैन ने 1959 में अपने अत्यंत लोकप्रिय व्याख्यान ''देअर इज प्लेन्टी ऑफ रूम एट द बॉटम'' में सर्वप्रथम नैनोनमीटर स्तर पदार्थ के गुण और उससे बनने वाली वस्तुओं के संभावित विषय पर चर्चा की थी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;टोक्यों विश्वविद्यायालय के नोरियो तानीगुची ने 1974 में प्रकाशित अपने शोध पत्र में नैनो टेक्नॉलॉजी शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किया, लेकिन एन.टी.  के विषय में जनचेतना का श्रेय अमेरिका के फोरसाइट नैनोटेक संस्थान निर्देशक, एरिक ड्रेक्सलर को जाता है, जिन्होंने 1986 में अपने अत्यंत विख्यात दस्तावेज 'एन्जिन ऑफ क्रिएशनः द कमिंग नैनो टैकनॉलॉजी` को प्रकाशित किया। यदि इसका विकास जारी रहा तो मानव का जीवन असाधारण रूप से आसान हो जाएगा । आपके कपड़े मैले नहीं होंगे । आपके पास ऐसे वाहन होंगे जो आपकी जेब में भी सफर कर सकेंगे आपका निवास स्थान आपकी तरह बुद्धिजीवी होगा तथा आपकी आवश्यकताओं का ध्यान रखेगा। एन.टी. का प्रयोग न केवल बाहरी आराम के लिए किया जाएगा अपितु इंसान की सेहत के लिए भी इसमेंकाफी संभावनाएं है ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आस्ट्रिया में जन्मी भौतिक शात्री लिजमाइनर` के नाभिकीय भौतिकी में किए गए अनुसंधान ने परमाणु के भीतर विद्यमान असीम शक्ति के रहस्य का स्रोत पाया था । बर्लिन के कैंसर विल्हेल्स इंस्टीट्यूट में भौतिक रसायनज्ञ आटोहान के साथ महत्वपूर्ण अनुसंधान कर उन्होंने च्तवंबजपदपन ;च्ंद्ध नामक एक नए रेडियोएक्टिव तत्व के साथ कई रेडियोएक्टिव तत्वों का पता लगाया ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सन् 1938 में लिज जर्मनी छोड़कर  स्वीडन चली गई  तब आटोहान ने फ्रिट्स स्ट्रासमेन के साथ मिलकर यूरेनियम पर न्यूट्रानों की बौछार कर प्राप्त अवशेष में से  ठंतपनतद  की उपस्थिति को पाया। इस घटना पर डेनमार्क  में कार्य लिज ने अपने भतीजे आटो फ्रिश केसाथ अध्ययन कर जनवरी 1939 में बताया कि जिस प्रक्रिया के निर्माण स्वरूप इस ठंतपनतद  के समस्थानिक का निर्माण हुआ है वह नाभिकीय विखंडन है। फर्मी वे पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने  न्यूट्रानों की बौछार से स्थायी तत्वों को भी रेडियो एक्टिव तत्वों में बदला। इससे हाइड्रोजनीय पदार्थों  से गुजरकर यदि न्यूट्रानों की गति मंद कर दी जाए तो सम्पन्न हो रही विघटन प्रक्रिया की सक्षमता काफी बढ़ जाती है। विघटन प्रक्रिया में अत्यधिक ऊर्जा का भी उत्सर्जन होता है । परमाणुओं के विखंडन से प्राप्त यही ऊर्जा आगे चलकर विद्युत ऊर्जा तथा परमाणु बम का आधार बनी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आज से दस वर्ष बाद भारत की स्थिति आश्चर्यजनक रूप से बदल जाएगी। मोबाइल पर व्यक्ति का आई कार्ड होने के साथ-साथ एक पुस्तकालय भी होगा, लगभग दो घंटे  की फिल्म, लंबे टी.वी. कार्यक्रम मात्र आधे मिनट में डाउनलोड किए जा सकेंगे। विश्व के सर्वश्रेष्ठ विद्वानों के मल्टी मीडिया व्याख्यान भी मोबाइल पर जब चाहे देख, सुन सकेंगे। मोबाइल जी.पी.एस. तकनीक युक्त होंगे। जी.पी.एस. का अर्थ है ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम जो किसी भी वस्तु की पृथ्वी पर स्थिति का पता बता देता है। पृथ्वी की कक्षा में 24 उपग्रह चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें पृथ्वी पर मौजूद ग्राउंड स्टेशन लगातार मॉनीटर करते रहते हैं । संटेलाइट से भेजे गए संकेत जिस व्यक्ति के पास, जी.पी.एस. रिसीवर है, वह पकड़ सकता है । इससे उसे अक्षांश, देशांतर तथा समय का सही पता लग सकता है। पी.सी. तक सीमित रहने वालो प्दजमतदमज  अब लैपटॉप और मोबाइल के बाद मानव शरीर में समा जाएगा । सन् 2020 तक इन्टरनेट किसी न किसी रूप में हर व्यक्ति से जुड़ होगा। यह हमारे त्वचा के भीतर भी पाया जाएगा। मानव शरीर स्वयं इंटरनेटयुक्त होगा। नैनो टेक्नोलॉजी इंटरनेट के स्वरूप में संपूर्ण परिवर्तन कर देगी। अत्याधुनिक नैनो स्केल मशीन इंटरनेट को अणु के आकार का बना देगी जिसे इंजेक्शन के द्वारा त्वचा के अंदर डाला जा सकेगा ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;संचार-सूचना तकनीक के कारण एक ऐसी वैज्ञानिक सोसायटी का निर्माण होगा जो पूरी तरह से कम्प्यूटर मशीनों  से चलेगी।  इस वैज्ञानिक  सोसायटी के लोग कम्प्यूटर से हमेशा जुड़े रहेंगे।आधुनिक तकनीकी युग में इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल संचार प्रणाली सूचना  और संचार के क्षेत्र में आश्चर्यजनक उपलब्धि होगी। यह प्रणाली मानव बुद्धि और उससे विकसित कृत्रिम बुद्धि  का व्यावसायिक और प्रौद्योयोगिक अंतरण है। आरंभ में सैन्य अपेक्षाओं के लिए संचार तथा सूचना प्रणाली का विकास होता रहा था।  अब यह मानव जीवन के प्रायः सभी क्षेत्रो  में परंपरागत मान्यताओं और दृष्टियों को आंदोलित कर संस्कृति के नियामक के रूप में विश्व दृष्टि  का प्रसार कर रही है। इस दृष्टि से सूचना की प्रविधि, सूचना प्रौद्योयोगिकी, संचार-क्रांति के प्रभाव क्षेत्र मे ंसामाजिक   अधिकार, विवेक न्याय, सत्ता व्यवस्था, मांग और पूर्ति प्रतियोगिता के मुक्त और छद्म विज्ञान - विपणन आदि आ जाते हैं। विज्ञान  संचार प्रणाली आज विकसित और विकासशील देशों की तकनीकी क्षमताओं को चुनौती देकर शिक्षा, चिकित्सा, सूचना, मनोरंजन आदि को व्यवसाय बनाकर इनको अधिक से अधिक  तकनीकी बनाने का उपक्रम कर रही है। &lt;br /&gt;SOURSES FROM electronik&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-7762834738812299562?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/7762834738812299562/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=7762834738812299562' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/7762834738812299562'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/7762834738812299562'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2011/10/blog-post.html' title='भविष्य में विज्ञान  संचार की प्रासंगिकता'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-3802645655253681123</id><published>2011-09-20T01:31:00.000-07:00</published><updated>2011-09-20T01:47:53.396-07:00</updated><title type='text'>पलकां पर बिराजो म्हारा पावणां</title><content type='html'>&lt;a onblur="try {parent.deselectBloggerImageGracefully();} catch(e) {}" href="http://4.bp.blogspot.com/-zEWYa2lWVt8/TnhTMVlE1nI/AAAAAAAAAGU/gPB24V0JtFg/s1600/sik1t-f16811124761.jpg"&gt;&lt;img style="float:left; margin:0 10px 10px 0;cursor:pointer; cursor:hand;width: 200px; height: 200px;" src="http://4.bp.blogspot.com/-zEWYa2lWVt8/TnhTMVlE1nI/AAAAAAAAAGU/gPB24V0JtFg/s320/sik1t-f16811124761.jpg" border="0" alt=""id="BLOGGER_PHOTO_ID_5654360803579844210" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;सीकर। आपणां शेखावाटी का लाडला सपूत की बहू रा रलावता म्ह आगमन न लेर शेखावाटी का लोग घणा खुश हैं। स्वागत ताणी सगली तैयारियां पूरी हंै, कार्यक्रम के म्हा कोई कमी कोनी रेवे, इके वास्ते स पिछला एक महिना सू जुटरयां हां। जीणमाता हो या फिर रलावता या फिर आसपास के गांव व ढाणी।&lt;br /&gt;राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटील के आगमन को लेकर लोग काफी उत्साहित हैं और पुलिस व प्रशासनिक तैयारियों में भी पूरा सहयोग कर रहे हैं। आयोजकों के साथ आसपास के ग्रामीण भी पिछले एक माह से तैयारियों में जुटे हैं और मंगलवार को इसमें पूरी ताकत झौंक दी। पुलिस व प्रशासन ने भी तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया।&lt;br /&gt;96 वीआईपी रहेंगे मौजूद &lt;br /&gt;पुलिस महानिरीक्षक राजीव दासोत, जिला कलक्टर धर्मेन्द्र भटनागर व पुलिस अधीक्षक गौरव श्रीवास्तव तथा खुफिया पुलिस के अधिकारियों के साथ काफिला हेलीपैड से रवाना हुआ। कारकेट शामिल गाडियों का काफिला जीणमाता में सुरक्षा के इंतजाम देखते हुए समारोह स्थल पहुंचा।&lt;br /&gt;समारोह स्थल पर कई अधूरे पड़े प्रशासनिक कार्यों को लेकर आईजी ने मौके पर ही अधिकारियों को पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान संभागीय आयुक्त मधुकर गुप्ता व केन्द्रीय जनजाति मंत्री महादेवसिंह खण्डेला ने मंच व्यवस्थाओं की जानकारी ली। समारोह में प्रतिमा अनावरण स्थल पर महाराव शेखाजी संस्थान सहित करीब 96 वीआईपी उपस्थित रहेंगे।&lt;br /&gt;गांव आने का न्योता&lt;br /&gt;लोसल. छोटी लोसल के ग्रामीण मंगलवार को रलावता में राव शेखाजी स्मारक पर प्रतिमा अनावरण समारोह में राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटील से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति के ससुराल के प्रताप सिंह के नेतृत्व में 11 सदस्यीय दल राष्ट्रपति से मिलेगा। प्रताप सिंह व ग्रामीण राष्ट्रपति व उनके परिवार के सदस्यों को नवरात्रों में गांव पधारने का न्यौता देंगे। राष्ट्रपति के ससुराल में पुश्तैनी हवेली का हाल ही में जीर्णोद्धार करवाया गया है।&lt;br /&gt;आईसीयू करवाया खाली &lt;br /&gt;राष्ट्रपति दौरे को लेकर कल्याण अस्पताल के चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया गया है। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए ट्रोमा यूनिट में सर्जिकल विभाग के डा. बी.एस गढ़वाल के अलावा एक ऎनेस्थिसिया के चिकित्सक को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा आपातकालीन विभाग के ऑपरेशन थियेटर को वीवीआईपी के खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं राष्ट्रपति वापसी तक सभी यूनिट हैड को पीएमओ चैम्बर में रहना होगा। इसके अलावा आईसीयू के सभी बैड खाली करवा दिए गए हैं।&lt;br /&gt;सुधरती रही व्यवस्थाएं&lt;br /&gt;राष्ट्रपति के दौरे को लेकर दोपहर को पूर्वाभ्यास किया जाना था, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से सड़क का निर्माण नहीं किया गया और ना ही प्रतिमा अनावरण स्थल पर कोई व्यवस्था थी। पूर्वाभ्यास के दौरान आईजी ने इस पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए अधीक्षण अभियंता को तत्काल कार्य पूरा करवाने के निर्देश दिए। जीणमाता से रलावता जाने वाले मार्ग पर टूटी सड़क को लेकर भी प्रशासनिक अधिकारियों ने निर्देश दिए।&lt;br /&gt;जीणमाता से वीआईपी व कार्डधारियों का प्रवेश&lt;br /&gt;राष्ट्रपति के दौरे के दौरान गोरियां से जीणमाता जाने वाले रास्ते से वीआईपी व पासधारी ही प्रवेश कर सकेंगे। यातायात प्रभारी रमेश शर्मा ने बताया कि वीआईपी व पासधारी समारोह स्थल के बाई ओर गाड़ी पार्क कर सकते हैं। इसके अलावा एक घंटे पर इस मार्ग को सीज कर दिया जाएगा।&lt;br /&gt; इसी तरह जयपुर व सीकर से आने वाले लोग समारोह स्थल पर रानोली से मालियों की ढाणी, रायपुरा स्टैण्ड, खण्डेलसर, भामू की ढाणी, रघुनाथपुरा, सवाईपुरा, कोछोर, दूधवा उदयपुरिया मोड़ होते हुए पहुंचेगे। इसी तरह खूड़ व दांतारामगढ़ से आने वाले वाहन भी इसी मार्ग को काम में लेंगे।&lt;br /&gt;Comments&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-3802645655253681123?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/3802645655253681123/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=3802645655253681123' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/3802645655253681123'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/3802645655253681123'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2011/09/blog-post_20.html' title='पलकां पर बिराजो म्हारा पावणां'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/-zEWYa2lWVt8/TnhTMVlE1nI/AAAAAAAAAGU/gPB24V0JtFg/s72-c/sik1t-f16811124761.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-4701215209715561859</id><published>2011-09-19T12:55:00.000-07:00</published><updated>2011-09-19T12:56:09.303-07:00</updated><title type='text'></title><content type='html'>&lt;script type="text/javascript" src="http://cdn.widgetserver.com/syndication/subscriber/InsertWidget.js"&gt;&lt;/script&gt;&lt;script type="text/javascript"&gt;if (WIDGETBOX) WIDGETBOX.renderWidget('7c459e57-ceaf-46c4-833e-a8602790f9d6');&lt;/script&gt;&lt;noscript&gt;Get the &lt;a href="http://www.widgetbox.com/widget/crystal-clock"&gt;Crystal Clock&lt;/a&gt; widget and many other &lt;a href="http://www.widgetbox.com/"&gt;great free widgets&lt;/a&gt; at &lt;a href="http://www.widgetbox.com"&gt;Widgetbox&lt;/a&gt;! 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href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2011/09/indian-ralway-reservation.html' title='INDIAN RALWAY RESERVATION'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-7553657928525848326</id><published>2011-09-16T05:05:00.000-07:00</published><updated>2011-09-16T05:39:59.813-07:00</updated><title type='text'>देसी तकनिकी द्वारा हरितक्रांति -बैल चालित पम्प</title><content type='html'>&lt;a onblur="try {parent.deselectBloggerImageGracefully();} catch(e) {}" href="http://4.bp.blogspot.com/-2RsBO8QWS5U/TnM8tb-BiGI/AAAAAAAAAGM/kCioYRE3xIg/s1600/Bail%2Baur%2BPump.jpg"&gt;&lt;img style="float:left; margin:0 10px 10px 0;cursor:pointer; cursor:hand;width: 154px; height: 320px;" src="http://4.bp.blogspot.com/-2RsBO8QWS5U/TnM8tb-BiGI/AAAAAAAAAGM/kCioYRE3xIg/s320/Bail%2Baur%2BPump.jpg" border="0" alt="" id="BLOGGER_PHOTO_ID_5652928708579788898"&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;भारत में तकनीकी विकास इतना हो गया हम चाँद और मंगल पर बेस बनाने  की तैयारी में लगे है. किन्तु आज भी लगभग 30 परसेंट जनता दो वक्त की रोटी का इंतजाम बमुश्किल कर पाती है तो ऐसे  में तकनीकी विकास की सार्थकता पर बड़ा  प्रश्नचिन्ह लगता है.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;तकनीकी विकास मतलब उपग्रह छोड़ना संकर प्रजाति के बीज बनाना सूचना आदान प्रदान की सहूलियतो  को तीव्र करने  इत्यादि से लगाया जाता है.जबकि विकास पैमाना यह होना चाहिए कि शोषण से कितनी मुक्ति मिली और प्रक्रति से कितना तादात्म्य स्थापित हुआ. &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उपर्युक्त सिद्धांत को अमलीजामा पहनाते हुए कानपुर के वैज्ञानिको और किसानो के मिलेजुले प्रयासों से एक बैल चालित पम्प का विकास किया गया है. बैलो के प्रयोग से एक तरफ जहा डीजल की बहुमूल्य  बचत करके कृषि कार्य को आत्म निर्भता की ओर ले जाया जा सकता है वही ट्रैक्ट्रर के इस्तेमाल करने वाली भारी भरकम लागत से भी निजात पाया जा सकता है. &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस पम्प की विस्तृत जानकारी इस विडियो के माध्यम से दी गयी है. &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस यंत्र की कीमत बोरिंग समेत लगभग 58 हजार रूपये है. सरकार से इस पर सब्सिडी देने क अनुरोध किया गया है किंतु अभी तक कोइ संतोषजनक जवाब नही मिला है. &lt;br /&gt;इस प्रकार यह स्वदेशी तकनीक है जिसके सहारे हम वास्तव मे हरित क्रांति की ओर सतत रूप से बढ  सकते है.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नोट: इस यंत्र का प्रयोग  कानपुर मे करौली और परियर नामक स्थान पर सफलतापूर्वक किसानो द्वारा किया जा रहा है. यदि किसी को यह अप्प्लीकेशन देखना हो तो वह यहा आकर देख सकता है.&lt;object width="320" height="266" class="BLOG_video_class" id="BLOG_video-1991a93b56fd8909" classid="clsid:D27CDB6E-AE6D-11cf-96B8-444553540000" codebase="http://download.macromedia.com/pub/shockwave/cabs/flash/swflash.cab#version=6,0,40,0"&gt;&lt;param name="movie" 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href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=7553657928525848326' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/7553657928525848326'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/7553657928525848326'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2011/09/blog-post_8365.html' title='देसी तकनिकी द्वारा हरितक्रांति -बैल चालित पम्प'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/-2RsBO8QWS5U/TnM8tb-BiGI/AAAAAAAAAGM/kCioYRE3xIg/s72-c/Bail%2Baur%2BPump.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-9162048500408348804</id><published>2011-09-16T01:38:00.000-07:00</published><updated>2011-09-16T01:40:50.042-07:00</updated><title type='text'>विंडोज ८ प्रिव्यू जारी [डाउनलोड करें]</title><content type='html'>&lt;a onblur="try {parent.deselectBloggerImageGracefully();} catch(e) {}" href="http://3.bp.blogspot.com/-DHvMdn-vGg0/TnMLhImp3oI/AAAAAAAAAGE/9mC7Frm4Dj4/s1600/xlarge_homescreen-300x168.jpg"&gt;&lt;img style="float:left; margin:0 10px 10px 0;cursor:pointer; cursor:hand;width: 300px; height: 168px;" src="http://3.bp.blogspot.com/-DHvMdn-vGg0/TnMLhImp3oI/AAAAAAAAAGE/9mC7Frm4Dj4/s320/xlarge_homescreen-300x168.jpg" border="0" alt=""id="BLOGGER_PHOTO_ID_5652874621153304194" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;माइक्रोसॉफ्ट नें अपने भविष्य के ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज ८ का प्रिव्यू संस्करण जारी कर दिया है। यह माइक्रोसॉफ्ट की वेबसाइट पर मुफ्त डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।&lt;br /&gt;डाउनलोड हेतु यहां जाएं: http://msdn.microsoft.com/en-us/windows/home/&lt;br /&gt;इसके लिए आपके कम्प्यूटर में निम्नलिखित चीजें होनी चाहिए:&lt;br /&gt;1 gigahertz (GHz) or faster 32-bit (x86) or 64-bit (x64) processor&lt;br /&gt;1 gigabyte (GB) RAM (32-bit) or 2 GB RAM (64-bit)&lt;br /&gt;16 GB available hard disk space (32-bit) or 20 GB (64-bit)&lt;br /&gt;DirectX 9 graphics device with WDDM 1.0 or higher driver&lt;br /&gt;Taking advantage of touch input requires a screen that supports multi-touch&lt;br /&gt;To run Metro style Apps, you need a screen resolution of 1024 X 768 or greater&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-9162048500408348804?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/9162048500408348804/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=9162048500408348804' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/9162048500408348804'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/9162048500408348804'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2011/09/blog-post_16.html' title='विंडोज ८ प्रिव्यू जारी [डाउनलोड करें]'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/-DHvMdn-vGg0/TnMLhImp3oI/AAAAAAAAAGE/9mC7Frm4Dj4/s72-c/xlarge_homescreen-300x168.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-6126112990970041213</id><published>2011-09-15T05:29:00.000-07:00</published><updated>2011-09-15T05:30:52.633-07:00</updated><title type='text'>इंजीनियर</title><content type='html'>सदियों पहले जब जेम्स वॉट ने केटली से निकलती भाप से प्रेरित होकर स्टीम इंजन क ा निर्माण किया था तो उन्हें भी मालूम न था कि उनकी यह खोज इंजीनियरिंग जगत का ऐसा प्रयोग बन जाएगी जो दुनिया क ी एक नई तस्वीर का आगाज करेगी। आज इंडस्ट्री, व्यापार ,निर्माण, परिवहन के क्षेत्र में जो भी क्रांतिकारी बदलाव हमें दिखाई पडते हैं, उसके मूल में भाप की यही प्रेरणा शक्ति है। केवल स्टीम इंजन ही क्यों, हाल के सालों में मानव जीवन को प्रभावित करने वाले जितने भी भौतिक संसाधन निर्मित हुए, वे सभी इसी इंजीनियरिंग प्रेरणा का कमाल हैं। इसी कडी में इंजीनियरिंग शिक्षा भी आज नया आयाम पाती दिख रही है, जिसके चलते जो इंजीनियरिंग स्नातक कभी अंगुलियों पर गिनने लायक होते थे आज भारत निर्माण का सबसे पुख्ता जरिया बन रहे हैं। यही नहीं इंजीनियरिंग सीटों में होता इजाफा, युवाओं का बढता रुझान, रोजगार की जोरदार संभावनाएं, काम का ग्लोबल दायरा आदि मिलकर इस सेक्टर को काफी हॉट बना रहे हैं। यदि आप एक नियमित प्रक्रिया के बजाय विस्तृत परिप्रेक्ष्य में काम कर अपने राष्ट्र को अग्रिम पंक्ति में खडा करना चाह रहे हैं, तो इंजीनियरिंग आपको ये सभी चीजें एक ही जगह दे सकती है।&lt;br /&gt;आज के दौर में इंजीनियर&lt;br /&gt;लंबे समय के आर्थिक, तकनीकी पिछडेपन से उबरते हुए जब पहली बार 1957 में बडी परियोजना (भाखडा नांगल बांध) राष्ट्र को समर्पित की गई तो तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इसे राष्ट्र का नया आराधना स्थल बताया था। आज उनकी यह बात पूरी तरह सही साबित हो रही है। असाधारण मानवीय व इंजीनियरिंग कौशल की नींव पर खडी ये संरचनाएं आज विकास का पर्याय तो बन ही रही हैं, साथ ही इंजीनियर के काम व भूमिका दोनों को री-डिफाइन भी कर रही हैं। इन दिनों साधारण सिलाईमशीन से लेकर परिवहन विमान, मामूली भवनों से लेकर गगनचुंबी इमारतें, जीवनरक्षक दवाओं से लेकर डिफेंस टेक्नोलॉजी, मनोरंजन तकनीकों, ऑटोमोबाइल तक सभी चीजें इंजीनियरिंग सेक्टर की ही देन हैें। और तो और अब तक इंजीनियरिंग सेक्टर्स से पूरी तरह अलहदा माने जाने वाले क्षेत्र जैसे बायोटेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर, मेडिकल इंजीनियरिंग, इनवॉयरमेंटल सांइस आदि इंजीनियरिंग तकनीकों पर ही निर्भर हैं। कंप्यूटर, आईपॉड, डिजिटल कैमरा, माइक्र ोवेव, बाइक, बिल्डिंग, कार, मोबाइल फोन, रिस्ट वॉच, जैसी बहुत सी साधारण या यूं कहें रोज की आदत बन चुकी चीजें इंजीनियरिंग तकनीकों के चलते ही मुमकिन हुई हैं।&lt;br /&gt;इंजीनियरिंग में इंट्री के रास्ते&lt;br /&gt;एक अनुमान के मुताबिक, आज देश में एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त करीब 1200 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर इंजीनियरिंग परीक्षाओं का आयोजन करते हैं तो वहीं राज्य स्तर पर भी अलग- अलग राज्यों की इंजीनियरिंग परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। देश के आइआइटी संस्थानों में प्रवेश के लिए आपको आइआइटी- जेईई की परीक्षा पास करनी होती है। वहीं सीबीएसइ, एआइइइ, कॉमन इंट्रेस टेस्ट, ग्रेजुएट एप्टीट्यूट टेस्ट (पीजी कोर्स के लिए) इंजीनियर बनने के कई और रास्ते हैं।&lt;br /&gt;अपेक्षित योग्यता&lt;br /&gt;वे सभी छात्र, जो 12वीं पीसीएम ग्रुप से हैं, इंजीनियरिंग फील्ड में इंट्री ले सकते हैं। यहां बीई, बीटेक कोर्सके लिए आपको फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स विषयों में न्यूनतम 50 फीसदी अंकों के साथ 12वीं पास होना जरूरी है। आइआइटी प्रवेश परीक्षा के लिए 12वीं में (पीसीएम) 60 फीसदी अंक लाना अनिवार्य है, जबकि डिप्लोमा कोर्स के लिए 50 प्रतिशत अंक के साथ 10वीं पास होना न्यूनतम अर्हता है। इस क्षेत्र में इंट्री लेने के पहले खुद से कुछ सवाल पूछना जरूरी होगा। मसलन कि क्या आप ऐसे व्यक्ति हैं जिसमें यह जानने की जिज्ञासा है कि चीजें कैसे काम करती हैं? क्या आपमें एक बेहतर समाज बनाने की रुचि है? क्या आप तर्कपूर्ण ढंग से सोच पाते हैं? आप किस हद तक चुनौतियां लेना पंसद करते हैं? यदि इन सब सवालों का जवाब हां में हैं तो फि र इंजीनियरिंग सेक्टर में आपके लिए अवसरों की कमी नहीं है।&lt;br /&gt;पॉपुलर कोर्स पॉपुलर स्ट्रीम&lt;br /&gt;आज इंजीनियरिंग क्षेत्र में बदली जरूरतों के मुताबिक परिवर्तन हुआ है। वे स्ट्रीम जिनका आज से डेढ दो दशक पहले कोईखास स्कोप नहीं था, आज छात्रों की पहली पंसद बन रहे हैं। इस बीच कुछ परंपरागत स्ट्रीम्स में आज भी छात्रों का रुझान कायम है।&lt;br /&gt;कंप्यूटर सांइस&lt;br /&gt;इंजीनियरिंग की यह वह स्ट्रीम है, जिसमें पिछले एक दशक में असाधारण उछाल आया है। सूचना क्रांति के पदार्पण के बाद आज सीएस, छात्रों की सबसे ज्यादा रुझान वाली स्ट्रीम है। नैसकॉम की एक रिपोर्ट भी कहती हैकि 2020 तक यह इंडस्ट्री 225 बिलियन डॉलर का अंाकडा छू लेगी, जिसमें लाखों नए जॉब के अवसर होंगे, विदेशों में काम की अच्छी गुंजाइश होगी। इन तथ्यों के बीच यदि आप कंप्यूटर सांइस में बी-टेक हैं तो यकीन मानिए आपको एक सुनहरे कॅरियर की गारंटी मिल सकती है। नेटवर्किग इंजीनियर, सिस्टम डिजाइनर, सिस्टम एनालिस्ट के पास इन दिनों असीमित विकल्प हैं।&lt;br /&gt;सिविल इंजीनिय¨रग&lt;br /&gt;इंफ्रास्ट्रक्चर किसी भी देश के विकास की पहली जरूरत होती है। रोड, सडक, भवनों, पुलों, बांध, नहरें, बदंरगाह, एयरपोर्ट आदि के निर्माण में सिविल इंजीनियर के ही सैद्धांतिक व व्यवहारिक कौशल की जरूरत होती है। आज सरकार भी इस क्ष्ेात्र के विकास के लिए गंभीर है।शायद यही कारण हैकि इस वर्ष के बजट में शहरी ढंाचागत सुविधाओं के लिए 1.5 बिलियन डॉलर आवंटित किए गए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि देश की बढती ग्रोथ रेट के बीच यहां भविष्य में रिक्रूटमेंट की रफ्तार कम नहीं होने वाली है।&lt;br /&gt;मेकेनिकल इंजीनिय¨रग&lt;br /&gt;आज इंजीनियरिंग की सबसे पसंदीदा ब्रांचेज में से एक है। इसका महत्व इस बात से समझा जा सकता हैकि एक साधारण मोबाइल फोन से लेकर मिसाइल तक के निर्माण में मेकेनिकल इंजीनियर की दरकार होती है। इतना ही नहीं थर्मल पावर स्टेशन, एयर कंडीशनिंग उद्योग, गैस टर्बाइन, ऑटोमोबाइल, एयरक्राफ्ट निर्माण, टेक्सटाइल उद्योग, मशीन कलपुर्जा निर्माण कारखानों में भी ये लोग अहम भूमिक ा निभाते हैं। चीजों व काम के मशीनीकरण के इस दौर में मैकेनिकल इंजीनियर्स के लिए आने वाला दौर स्वर्णिम है।&lt;br /&gt;केमिकल इंजीनिय¨रग&lt;br /&gt;केमिकल इंजीनियर आज इस क्षेत्र के सबसे ज्यादा संभावनाओं वाले क्षेत्रों में से एक है। जहां मुख्य रूप से उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले रसायनों का निर्माण किया जाता है। केमिकल इंजीनियर यहां उत्पादित चीजों की गुणवत्ता मानक, उनके प्रभाव, दुष्प्रभावों की जंाच करता है। केमिकल इंजीनिरिंग का चयन करने वाले छात्रों के लिए आवश्यक है कि केमिस्ट्री में उनकी स्वाभाविक समझ व रुचि हो। धातु उद्योग, रिफाइनरी, पेट्रोके मिकल, औषधि, खाद, शीशा निर्माण, नेनोटेक्नोलॉजी आदि क्षेत्रों में इन लोगों के लिए अच्छे अवसर हैं।&lt;br /&gt;टेक्सटाइल&lt;br /&gt;देश में टेक्सटाइल उद्योग (कपडा) पहले से ज्यादा तकनीक प्रधान हुआ है। बाजार की बढती मांगों को देखते हुए टेक्सटाइल स्ट्रीम में बी-टेक या डिप्लोमाधारियों की मांग बढी है। यहां छात्रों के लिए निर्माण, तकनीक, रिसर्च डेवलेपमेंट तीनों ही विभागों में काम के असीमित अवसर हैं।&lt;br /&gt;इलेक्ट्रॉनिक इंजीनिय¨रग&lt;br /&gt;विद्युत, देश के विकास की एक अनिवार्य शर्त है। ढांचागत सुविधाओं का विकास हो या फिर स्पेस टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक उपकरणों का निर्माण हो या फिर संचार प्रणाली, सभी जगह इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर कारगर भूमिका निभाते हैं। बिजली बोर्ड, वायुयान, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक उत्पाद बनाने वाली कंपनियों, स्पेस एंजेसियों, निर्माण सेवाओं से जुडी कंपनियों में इस स्ट्रीेम के लोगों को वरीयता दी जाती है।&lt;br /&gt;माइन इंजीनिय¨रग&lt;br /&gt;एक अुनमान के मुताबिक आज देश में 86 बिलियन टन के करीब खनिज भंडार मौजूद हैं, जिन्हें उत्खनित किया जाना है। आज अकेले छत्तीसगढ, बिहार, उडीसा, झारखंड में करीब 3300 से ज्यादा माइन्स हैं। देश के कई संस्थान हैं जो मांइस इंजीनियरिंग में स्पेशलाइज्ड बी-टेक कोर्स ऑफर करते है। इनके अलावा आज एयरोनॉटिकल इजीनियरिंग, इनवॉयरमेंटल, बायोमेडिकल, आटोमोबाइल, एग्रीकल्चर ,पेट्रोलियम इंजीनियरिंग जैसी इंजीनियरिंग की कई और शाखाएं भी कॅरियर के दर पर मजबूत दस्तक साबित हो रही हैं।&lt;br /&gt;इंजीनिय¨रग है बेहतर सेक्टर&lt;br /&gt;भारतीय ज्ञान आयोग के चैयरमैन सैम पित्रोदा के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर किसी भी उदीयमान अर्थव्यवस्था की सबसे बडी जरूरत होती है और इंजीनियरिंग इस इंफ्र ास्ट्राक्चर में जान फूंकने वाला एक अहम तंत्र। दरअसल यह एक ऐसा क्षेत्र है, जो आज से नहीं बल्कि सालों से प्रतिष्ठा से भरा कॅरियर माना जाता है। आज देश की कुल जीडीपी में 12 फीसदी भागीदारी रखने वाले इस सेक्टर को कामयाबी का दूसरा नाम बताया जा रहा है। नैसकॉम की एक रिपोर्टभी आज इसी बात की तस्दीक करती है, जिसके अुनसार कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे इंजीनियरिंग सेक्टर में आने वाले समय में करीब 5 लाख ट्रेंड प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। वहीं एसोचैम का एक और सर्वे बताता हैकि इंजीनियरिंग क्षेत्र में 2020 तक ढाईलाख नए प्रोफेशनल्स की जरूरत पडेगी। बकौल विशेषज्ञ आने वाले सालों में इंजीनियरिंग कंपनियां बडे पैमाने पर रिक्रूटमेंट ड्राइव चलाएंगी। यदि इन मौकों के बीच आप अपने कॅरियर की गारंटी तलाश रहे हैं तो इंजीनियरिंग आपका सही मुकाम हो सकता है। जहां तक संस्थान की बात है, तो आइआइटी के अलावा राज्य के इंजीनियिरिंग कॉलेजों में प्रवेश पा सकते हैं।&lt;br /&gt;तैयारी के सेवेन सीक्रेट्स&lt;br /&gt;आज इंजीनियारिंग की पुख्ता तैयारी सिलेबस या फिर कोचिंग क्लासेस केही भरोसे रह कर नहीं की जा सकती, बल्कि इसके लिए आपको एक सटीक रणनीति भी बनानी होगी।&lt;br /&gt;11वीं के साथ ही परीक्षा की तैयारी शुरू कर दें। सिलेबस कक्षा पास करने के लिए नहीं, इंजीनियरिंग परीक्षा क्वालीफाईकरने के लिए पढें।&lt;br /&gt;कोशिश करें परीक्षा के दो महीने पहले ही सिलेबस खत्म हो जाए। बचे हुए समय का इस्तेमाल रिवीजन व कुछ खास टॉपिक्स पढने के लिए रखें।&lt;br /&gt;पिछले दस सालों के पेपर्सको हल करना बिल्कुल न भूलें।&lt;br /&gt;समय यहां कामयाबी की कुंजी है, मॉक पेपर्सको निश्चित समय में हल करने की आदत बनाएं।&lt;br /&gt;वे सवाल जो पेपर हल करते समय आपकी स्पीड को प्रभावित करते हैं, उन्हें छोड बाकी सवाल पहले हल करें।&lt;br /&gt;जिन खंडों पर आपकी पकड अच्छी हो उन्हें पहले सॉल्व करें।&lt;br /&gt;आपके बेहतर स्कोर के लिए सही उत्तर व उनकी संख्या दोनों आवश्यक हैं, इसलिए यहां स्पीड व एक्यूरेसी दोनों पर ही काम करना जरूरी होगा।&lt;br /&gt;जॉब का सोर्स:&lt;br /&gt;इंजीनिय¨रग सर्विस आउटसोर्स&lt;br /&gt;आज इंजीनिय¨रग सर्विस आउटसोर्स (ईएसओ) खासा लोकप्रिय हो रहा है। इंजीनियरिंग की किसी भी शाखा से संबंध रखने वालों के लिए यहां अच्छे अवसर हैं। ईएसओ के अंर्तगत एयरोस्पेस, टेलीकॉम, कंस्ट्रक्शन, रिसर्च डेवलेपमेंट, ऑटोमोबाइल, यूटिलिटी जैसी बहुत सी चीजें आती हैं। आज ईएसओ के 15 बिलियन डॉलर के विशाल बाजार में भारत की 12 फीसदी की हिस्सेदारी है, जिसके 2020 तक 25 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है। (नैसकॉम व बूज एलन हेमिल्टन का सर्वे)। इन उम्मीदों के आकडों के बीच देख सकते हैं कि खुद विकसित देश अपनी जरूरतों के लिए भारतीय प्रोफेशनल्स को ले रहे हैं। जो बडे पैमाने पर देश के लिए विदेशी मुद्रा की राह तो बना ही रहा है साथ ही युवाओं के लिए जॉब्स की सौगात भी ला रहा है।&lt;br /&gt;डा. एम विश्वेश्वरैया: आधुनिक भारत के निर्माता&lt;br /&gt;भारतीय इंजीनियरिंग जगत में नए प्रतिमान स्थापित करने वाले डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म दिवस (15 सितंबर) देश में अभियंता दिवस के तौर पर मनाया जाता है। देश के लिए गर्व का कारण बनने वाली कई अहम परियोजनाओं केनिर्माण में डॉ. विश्वेश्वरैया की अहम भूमिका रही। 1860 में कर्नाटक के कोलार जिले के एक साधारण परिवार मे जन्मे डॉ. विश्वेश्वरैया का जीवन पूरी तरह से देश के तकनीकी विकास को समर्पित रहा। कृष्णराज सागर बांध, भद्रावती आयरन एंड स्टील व‌र्क्स, मैेसूर विश्वविद्यालय, बैंक ऑफ मैसूर, मूसा नदी पर बना बांध जैसी विशाल परियोजनाएं उनके ही अथक प्रयासों की देन हैं। उनके द्वारा लिखी पुस्तकों में रिकंस्ट्रक्टिंग इंडिया एक जानी मानी पुस्तक है जिसमें एक इंजीनियर की निगाह से देश की भावी तस्वीर का जायजा लिया गया है। उनके असाधारण उपलब्धियों को सराहते हुए सरकार ने 1955 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया।&lt;br /&gt;जेआरसी टीम&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-6126112990970041213?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/6126112990970041213/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=6126112990970041213' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/6126112990970041213'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/6126112990970041213'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2011/09/blog-post_3500.html' title='इंजीनियर'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-1317432767819477663</id><published>2011-09-15T05:16:00.000-07:00</published><updated>2011-09-15T05:18:21.142-07:00</updated><title type='text'>ये है भविष्य की कार.</title><content type='html'>&lt;a onblur="try {parent.deselectBloggerImageGracefully();} catch(e) {}" href="http://4.bp.blogspot.com/-b4I3nourYj0/TnHs-5tJ51I/AAAAAAAAAF8/KAvRumTHKAo/s1600/car1_f.jpg"&gt;&lt;img style="float:left; margin:0 10px 10px 0;cursor:pointer; cursor:hand;width: 250px; height: 250px;" src="http://4.bp.blogspot.com/-b4I3nourYj0/TnHs-5tJ51I/AAAAAAAAAF8/KAvRumTHKAo/s320/car1_f.jpg" border="0" alt=""id="BLOGGER_PHOTO_ID_5652559572712941394" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;ये कार है भविष्य की यानी, अभी इसे आपके पास आने में काफी समय है। बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और लोगों को आकर्षित करने के लिए कंपनियां लगातार अपने प्रोडक्ट में बदलाव करती रहती हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इसी के तहत इन कांसेप्ट कारों का प्रदर्शन इंटरनेशनल मोटर शो आईएए (इंटरनेशनली ऑटोमोबिल-ऑस्टेलंग)में किया गया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आईएए विश्व का सबसे बड़ा मोटर शो है, जो जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में जर्मन ऑटोमेटिव इंडस्ट्री के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-1317432767819477663?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/1317432767819477663/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=1317432767819477663' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/1317432767819477663'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/1317432767819477663'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2011/09/blog-post_3887.html' title='ये है भविष्य की कार.'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/-b4I3nourYj0/TnHs-5tJ51I/AAAAAAAAAF8/KAvRumTHKAo/s72-c/car1_f.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-8684169762303300535</id><published>2011-09-15T05:14:00.000-07:00</published><updated>2011-09-15T05:15:26.677-07:00</updated><title type='text'>आईटी कंपनी इंटेल की नई पेशकश, आया सौर ऊर्जा से चलने वाला कंप्यूटर</title><content type='html'>&lt;a onblur="try {parent.deselectBloggerImageGracefully();} catch(e) {}" href="http://3.bp.blogspot.com/-0CsBx2MY58A/TnHsVqEV6NI/AAAAAAAAAF0/kyGJJNZ4F8g/s1600/intel1_f.jpg"&gt;&lt;img style="float:left; margin:0 10px 10px 0;cursor:pointer; cursor:hand;width: 250px; height: 250px;" src="http://3.bp.blogspot.com/-0CsBx2MY58A/TnHsVqEV6NI/AAAAAAAAAF0/kyGJJNZ4F8g/s320/intel1_f.jpg" border="0" alt=""id="BLOGGER_PHOTO_ID_5652558864140593362" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;सैन फ्रांसिस्को. इंटेल ने सौर ऊर्जा से चलने वाला कंप्यूटर बनाया है। इसमें डाक टिकट जितनी छोटी एक चिप लगी है, जिससे सौर ऊर्जा इकट्ठी होगी। यह ऊर्जा कंप्यूटर पर एनिमेशन और विंडोज की सभी प्रोसेस चलाने में सक्षम होगी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हालांकि इस कंप्यूटर में दो रीडिंग लैंप लगे होंगे। कंप्यूटर के बाकी हिस्सों को चलाने के लिए सामान्य बिजली सप्लाई की जरूरत होगी। कंपनी के प्रमुख पॉल औटेलिनी ने बताया कि कंप्यूटर को सौर ऊर्जा से चलाना बहुत बड़ी चुनौती थी। इसे बाजार में आने में कितना समय लगेगा, यह स्पष्ट नहीं है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गूगल के साथ स्मार्टफोन लाने की योजना&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कंप्यूटर की दुनिया में अपना विस्तार करने के लिए प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी इंटेल ने गूगल से भागीदारी कर ली है। कंपनी 2012 की पहली छमाही में स्मार्टफोन बाजार में लाने वाली है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इसके साथ ही कंपनी कम बिजली से चलने वाली, हल्की और सस्ते लैपटॉप को भी बाजार में लाएगी। यह लैपटॉप सामान्य से पतला रहेगा। एक बार पूरा चार्ज होने पर 10 दिनों तक बिना चार्जर के चल सकेगा। इसका नाम अल्ट्रा-बुक है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;टैबलॉयड और हाथ में रखने वाले उपकरणों के कारण लैपटॉप और कंप्यूटरों के उपयोग में कमी होने लगा है। कंपनी के प्रमुख पॉल औटेलिनी ने बताया कि अल्ट्रा-बुक कंप्यूटर और लैपटॉप का महत्व बरकरार रखने में मदद करेगी। हालांकि कंपनी ने इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-8684169762303300535?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/8684169762303300535/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=8684169762303300535' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/8684169762303300535'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/8684169762303300535'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2011/09/blog-post_8002.html' title='आईटी कंपनी इंटेल की नई पेशकश, आया सौर ऊर्जा से चलने वाला कंप्यूटर'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/-0CsBx2MY58A/TnHsVqEV6NI/AAAAAAAAAF0/kyGJJNZ4F8g/s72-c/intel1_f.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-2914627181942966881</id><published>2011-09-15T05:10:00.000-07:00</published><updated>2011-09-15T05:11:40.504-07:00</updated><title type='text'>टूथपेस्ट में 9 सिगरेट के बराबर निकोटिन</title><content type='html'>सुबह उठकर आप जिस टूथपेस्ट से ब्रश कर रहे हैं वह आपके अंदर जहर पहुँचा रहा है। एक टूथपेस्ट में 9 सिगरेट के बराबर निकोटिन हो सकता है। यह दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड रिसर्च (डिपसार) ने अपनी जाँच में पाया है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;डिपसार ने जाँच में पाया कि करीब-करीब सभी टूथपेस्ट कंपनियाँ लोगों के दाँतों को बर्बाद करने में जुटी है। डिपसार के पूर्व निदेशक व प्रोफेसर डॉ. एसएस अग्रवाल के मुताबिक बाजार से सभी प्रचलित कंपनियों का पेस्ट लेकर जाँच की गई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इसमें 11 पेस्ट व दंतमंजन में निकोटिन की मात्रा बहुत अधिक पाई गई। पेस्ट में यूजीनॉल और टार भी बड़ी मात्रा में पाई गई है। फ्लोराइड भी जबरदस्त मात्रा में मिला है। किसी-किसी पेस्ट व मंजन में 18 मिलीग्राम तक निकोटिन मिला है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;एक सिगरेट में दो से तीन मिलीग्राम निकोटिन होता है। इस हिसाब से देखें तो एक पेस्ट व दंत मंजन में आठ से नौ सिगरेट के बराबर निकोटिन पाया गया है। निकोटिन दिमाग को ताजगी देता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पेस्ट निकोटिन की वजह से ही ताजगी का अहसास कराता है। यूजीनॉल दर्द को कम करता है। इसे कंपनियाँ दाँत दर्द के लिए उपयोग में लाती हैं पर दिल की धमनियों पर इसका बुरा असर पड़ता है। टूथपेस्ट में मिला टार कैंसर का बड़ा कारक है। यह पेट पर भी प्रभाव डालता है। इससे भूख कम लगती है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-2914627181942966881?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/2914627181942966881/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=2914627181942966881' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/2914627181942966881'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/2914627181942966881'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2011/09/9.html' title='टूथपेस्ट में 9 सिगरेट के बराबर निकोटिन'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-72821470062155344</id><published>2011-09-15T04:40:00.000-07:00</published><updated>2011-09-15T04:41:19.991-07:00</updated><title type='text'>यूनिक आईडी कार्ड बनाने की शुरुआत</title><content type='html'>फतेहपुर&amp; यूनिक आईडी कार्ड बनाने का उद्घाटन रविवार को एसडीएम ने किया। स्थानीय इंचार्ज मोहसीन काजी ने बताया कि श्रीकृष्ण रामावि में एसडीएम एफएम खान और तहसीलदार सज्जनसिंह शेखावत ने यूनिक आईडी कार्ड बनाने के कार्य का उद्घाटन किया और स्वयं की आईडी बनवाने के लिए कम्प्यूटर पर अंगुलियों के निशान और आंखों की फोटाग्राफी करवाई। इस अवसर पर पूर्व पालिका उपाध्यक्ष शौकत पीर, बाबूपीर, अंबर फतेहपुर सहित कई लोग उपस्थित थे। पहले दिन ३०० लोगों ने आईडी कार्ड बनवाने के लिए फोटोग्राफी करवाई। राशिद आस्कान ने बताया कि कस्बे में चार मशीनें श्रीकृष्ण पाठशाला और एक मशीन नगरपालिका में लगाई गई है। आईकार्ड बनवाने के लिए व्यक्ति फोटो और एडे्रस प्रूफ से संबंधित दस्तावेजात साथ लेकर आएं। आठ वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति आईकार्ड बनवा सकता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-72821470062155344?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/72821470062155344/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=72821470062155344' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/72821470062155344'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/72821470062155344'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2011/09/blog-post_15.html' title='यूनिक आईडी कार्ड बनाने की शुरुआत'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-8925403838193112446</id><published>2011-09-14T07:42:00.000-07:00</published><updated>2011-09-14T07:51:51.729-07:00</updated><title type='text'>२० सितम्बर को राष्ट्रपति करेंगी महाराव शेखाजी की प्रतिमा का अनावरण</title><content type='html'>&lt;a onblur="try {parent.deselectBloggerImageGracefully();} catch(e) {}" href="http://3.bp.blogspot.com/-z7gqsm1SZd4/TnC_bguqCyI/AAAAAAAAAFs/ecYaCJAdAUo/s1600/Rao_Shekha%2B%25281%2529.jpg"&gt;&lt;img style="float:left; margin:0 10px 10px 0;cursor:pointer; cursor:hand;width: 139px; height: 200px;" src="http://3.bp.blogspot.com/-z7gqsm1SZd4/TnC_bguqCyI/AAAAAAAAAFs/ecYaCJAdAUo/s320/Rao_Shekha%2B%25281%2529.jpg" border="0" alt=""id="BLOGGER_PHOTO_ID_5652228011712973602" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;राजस्थान के सीकर जिले में रलावता गांव में अरावली पर्वत श्रंखला की तलहटी में शेखावत वंश और शेखावाटी के प्रवर्तक व साम्प्रदायिक सदभाव के प्रतीक महाराव शेखाजी के स्मारक स्थल पर महाराव शेखाजी की नव निर्मित प्रतिमा का अनावरण महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल देवीसिंह शेखावत २० सितम्बर को सुबह १० बजे करेंगी| इस अवसर पर आयोजित एक बड़े समारोह में राष्ट्रपति के पति श्री देवीसिंह शेखावत,केन्द्रीय मंत्री श्री भंवर जीतेन्द्रसिंह,श्री महादेवसिंह खंडेला, कांग्रेस के महासचिव श्री दिग्विजयसिंह,राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत,राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के अलावा राजस्थान के सभी दलों के कई राजनेता व विधायक भाग लेंगे|&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;समारोह को सफल बनाने के लिए महाराव शेखाजी संस्थान के पदाघिकारी दिन-रात व्यवस्था में जुटे हैं। शेखाजी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष व सचिव के अलावा जयसिंह बिडोली, राजेन्द्र सिंह मॅण्डरू, दशरथसिंह समेत कई लोग व्यवस्थाओं में लगे हुए हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर केन्द्रीय राज्य मंत्री महादेव सिंह खंडेला शनिवार को जायजा लेने रलावता पहुंचे और उन्होंने महाराव शेखाजी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष जालिम सिंह आसपुरा व सचिव सम्पतसिंह धमौरा से मूर्ति अनावरण कार्यक्रम की जानकारी ली।उन्होंने हेलीपेड, जलपान, ठहराव, पार्किग व्यवस्था का जायजा लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। जिला प्रमुख रीटा सिंह, अपर जिला कलक्टर बासुदेव शर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी समेत जलदाय, सार्वजनिक निर्माण विभाग व बिजली निगम के अधिकारी भी मौजूद थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रतिमा का अनावरण समारोह कार्य्रम सुबह १० बजे से ११.३० बजे तक चलेगा | समारोह में पहुँचने वालों से निवेदन है कि सभी लोग सुबह १० बजे से पहले रलावता गांव के पास अरावली पर्वत श्रंखला की सुरम्य तलहटी में स्थित महाराव शेखाजी के स्मारक स्थल पर पहुंचे|&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ज्ञात हो एक स्त्री के आत्म सम्मान की रक्षा के लिए हुए युद्ध में घायल होने के बाद इसी स्थान पर अक्षय तृतीया वि.स.१५४५ को महाराव शेखाजी की मृत्यु हुई थी जहाँ उनकी याद में स्मारक के रूप में एक छतरी बनी हुई है | जो आज भी उस महान वीर की गौरव गाथा स्मरण कराती है | राव शेखा अपने समय के प्रसिद्ध वीर,साहसी योद्धा , कुशल राजनीतिज्ञ व शासक थे,युवा होने के पश्चात उनका सारा जीवन लड़ाइयाँ लड़ने में बीता |&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;और अंत भी युद्ध के मैदान में ही एक सच्चे वीर की भांति हुआ,अपने वंशजों के लिए विरासत में वे एक शक्तिशाली राजपूत-पठान सेना व विस्तृत स्वतंत्र राज्य छोड़ गए जिससे प्रेरणा व शक्ति ग्रहण करके उनके वीर वंशजों ने नए राज्यों की स्थापना की विजय परम्परा को अठारवीं शताब्दी तक जारी रखा,राव शेखाजी ने अपना राज्य झाँसी दादरी,भिवानी तक बढ़ा दिया था | उनके नाम पर उनके वंशज शेखावत कहलाने लगे और शेखावातो द्वारा शासित भू-भाग"शेखावाटी"के नाम से प्रसिद्ध हुआ,इस प्रकार सूर्यवंशी कछवाहा क्षत्रियों में एक नई शाखा "शेखावत वंश"का आविर्भाव हुआ |&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;देश की आजादी के बाद इन्ही महाराव शेखाजी के वंशज स्व.श्री भैरोंसिंह जी ने देश के उपराष्ट्रपति पद को सुशोभित किया और वर्तमान राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल जी भी इन्ही महाराव शेखाजी के कुल की कुल वधु है|&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;स्मारक स्थल का विहंगम दृश्य&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रतिमा अनावरण समारोह में आप सभी सादर आमंत्रित है| आप सभी महानुभावों से निवेदन है कि समारोह में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पधारें|&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-8925403838193112446?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/8925403838193112446/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=8925403838193112446' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/8925403838193112446'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/8925403838193112446'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2011/09/blog-post.html' title='२० सितम्बर को राष्ट्रपति करेंगी महाराव शेखाजी की प्रतिमा का अनावरण'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/-z7gqsm1SZd4/TnC_bguqCyI/AAAAAAAAAFs/ecYaCJAdAUo/s72-c/Rao_Shekha%2B%25281%2529.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-3567223521561752238</id><published>2010-08-09T12:59:00.000-07:00</published><updated>2010-08-09T13:05:23.246-07:00</updated><title type='text'>काले धन में मिले जाली नोट</title><content type='html'>अजमेर. भ्रष्टाचार निरोधक दल (एसीबी) के शिकंजे में फंसे राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के उपप्रबंधक करनाल के मूल निवासी सुरेन्द्र कुमार शर्मा से जब्त किए गए काले धन में तीन हजार रुपए के जाली नोट भी मिले हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रविवार को अस्पताल से छुट्टी मिलते ही शर्मा को आबकारी एक्ट के तहत क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट के आदेश से उन्हें जेल भेज दिया गया। अब तक शर्मा के खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। एसीबी की विभिन्न टीमें मामले की तफ्तीश कर रही हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दफ्तर में मिली कई बैंकों की पासबुकें&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;शर्मा के दफ्तर में तलाशी के दौरान विभिन्न बैंकों की कई पासबुक मिली हैं। उनकी पत्नी अरुणा शर्मा व बेटी गरिमा के नाम से लाखों रुपए जमा होने की बात सामने आई है। शर्मा ने अपने वेतन से पिछले कुछ माह से एक भी रुपया नहीं निकाला।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पत्नी के साथ संयुक्त खाते में 26 अप्रैल तक 14 लाख 71 हजार रुपए बैलेंस एसबीआई पासबुक में व बेटी के खाते में करीब एक लाख सात हजार रुपए जमा हैं। एसीबी अधिकारियों ने बैंक पासबुकों सहित अन्य लेन-देन संबंधी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। शर्मा ने केनरा बैंक के अपने खाते में अलग-अलग तारीखों पर भारी राशि जमा कराई है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;शर्मा के खिलाफ कार्रवाई जारी है। सोमवार को उनके बैंक लॉकर्स खोले जाएंगे। - राकेश सक्सेना, एसपी, एसीबी पिछली खबर&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-3567223521561752238?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/3567223521561752238/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=3567223521561752238' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/3567223521561752238'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/3567223521561752238'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2010/08/blog-post.html' title='काले धन में मिले जाली नोट'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-1548948037997119605</id><published>2009-04-20T05:34:00.000-07:00</published><updated>2009-04-20T05:36:21.788-07:00</updated><title type='text'>नेकी की और नौकरी हाथ से गई</title><content type='html'>जानवरों से प्यार करना अच्छी बात है, लेकिन फ्रांस की एक बस ड्राइवर को इसकी कीमत अपनी नौकरी से चुकानी पड &lt;br /&gt;़ी। हुआ यह कि बस ड्राइवर क्रिस्टीना अपने पैसिंजरों को लेकर रोज की तरह जा रही थीं कि उन्हें रोड पर एक मेंढक दिखाई दिया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बजाय उसके ऊपर से बस निकालने के क्रिस्टीना ने बस रोकी और बस से उतर कर उस मेंढक को एक डिब्बे में रखकर सड़क के किनारे सुरक्षित छोड़ दिया। क्रिस्टीना तो यह नेक काम करके भूल गईं लेकिन उनकी डबल डैकर बस का एक मुसाफिर इसे नहीं भूला। बस रुकने के उसने मैनिजमंट से क्रिस्टीना की शिकायत की। क्रिस्टीना ने भी साफ कह दिया कि वह मेंढक पर बस नहीं चढ़ा सकती थीं। नतीजा, 13 साल की उनकी नौकरी से पल भर में छुट्टी हो गई।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-1548948037997119605?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/1548948037997119605/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=1548948037997119605' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/1548948037997119605'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/1548948037997119605'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2009/04/blog-post.html' title='नेकी की और नौकरी हाथ से गई'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-6751020605833126127</id><published>2008-12-18T02:56:00.000-08:00</published><updated>2008-12-18T03:16:10.158-08:00</updated><title type='text'>कहर टूट पड़ा है पाकिस्तानी हिन्दुओं पर</title><content type='html'>कहर टूट पड़ा है पाकिस्तानी हिन्दुओं पर      &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;User Rating: / 0 &lt;br /&gt;PoorBest &lt;br /&gt; &lt;br /&gt;    &lt;br /&gt;पाठक पन्ना |   Written by सुरेश शर्मा |  बुधवार , 17 दिसम्बर 2008  &lt;br /&gt;दैनिक जागरण ने अमृतसर से खबर दी है कि मुंबई आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच संबंधों में आई 'खटास' का 'कहर' पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू परिवारों पर किस कदर टूट रहा है। पिछले कुछ दिनों में हिंदू परिवारों की महिलाओं से दुष्कर्म एवं उनकी दुकानें व घरों को लूटा गया। उन्हें मजबूर किया जा रहा है कि या तो वह मजहब बदल लें या फिर देश। हिंदू परिवार वहां से पलायन करके यहां आ रहे हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सोमवार को समझौता एक्सप्रेस से आए दो हिंदू परिवारों ने अपनी दुखभरी कहानी मीडिया को बताई। वहां से आने वालों में खन्या देवी [50] मुकेश [30], शोभा [28], शिवानी [4], वीर [2], सुरेश कुमार [25], कविता [23], साइना [7], शिवराज [4] व विसाखा [3] शामिल हैं। सिंध प्रांत से भारत पहुंचे दोनों परिवारों ने कहा कि वह किसी कीमत पर पाकिस्तान नहीं जाना चाहते। अगर भारत सरकार ने उन्हें यहां पर रहने की इजाजत नहीं दी तो वे पूरे परिवार के साथ ट्रेन से कटकर जान दे देंगे। हिंदू परिवारों का कहना है कि पाक में वही हाल दोहराया जा रहा है जो बँटवारे के दौरान हुआ था। वहां के जमींदार व पुलिस खुद यह घिनौना खेल खेलने में लगी है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अब हिंदू परिवारों का रहना मुश्किल हो गया है। बहू-बेटियों से दुष्कर्म किया जा रहा है। बच्चों को अगवा करके फिरौती मांगी जा रही है। वहां के हुक्मरान का यही सवाल है कि या तो मजहब बदल लो या फिर देश। उन्होंने बताया कि 45 दिन का वीजा उन्हें मिला है, लेकिन वह भारतीय हुकूमत से भारत में शरण देने की गुजारिश करेंगे। इन लोगों का कहना है कि ऐसे करीब 35 हिंदू परिवार हैं जो कि भारत आने के लिए पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास के चक्कर लगा रहे हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अब चार चक्र की सुरक्षा से गुजरना होगा&lt;br /&gt;भारत-पाकिस्तान के बीच बनते-बिगड़ते हालातों को लेकर समझौता एक्सप्रेस में मुसाफिरों की गिनती कम हुई है। साथ ही पाकिस्तान से आने वाले मुसाफिरों की जांच के लिए स्पेशल टीमों का गठन किया गया है। हरेक मुसाफिरों को चार बार सुरक्षा कवच से गुजरने के बाद क्लीन चिट दी जा रही है। खुफिया विभाग की माने तो समझौता एक्सप्रेस भी आतंकियों के निशाने पर है। इसलिए सुरक्षा और पुख्ता कर दी गई है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-6751020605833126127?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/6751020605833126127/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=6751020605833126127' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/6751020605833126127'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/6751020605833126127'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2008/12/blog-post_18.html' title='कहर टूट पड़ा है पाकिस्तानी हिन्दुओं पर'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-8027937343509686524</id><published>2008-12-18T02:54:00.000-08:00</published><updated>2008-12-18T03:16:10.158-08:00</updated><title type='text'>प्लास्टिक को सोने में बदला</title><content type='html'>मुंबई से प्रकाशित नवभारत टाईम्स में अनुराग त्रिपाठी ने रोचक और प्रेरणादायी खबर दी है, किस तरह मुंबई के एक वैज्ञानिक दंपत्ति ने कचरे में फेंकी गई प्लास्टिक की थैलियों को वैज्ञानिक प्रक्रिया से गलाकर पेट्रॉल में बदलने में सफलता हासिल की है।  जानी-मानी वैज्ञानिक जोड़ी महेश्वर शरण और उनकी पत्नी माधुरी ने ऐसी तकनीक विकसित की है , जिससे 25 किलो प्लास्टिक की थैलियों से लगभग 25 लीटर पेट्रॉल बनाया जा सकता है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;महेश्वर आईआईटी (मुंबई) के केमिकल टेक्नॉलजी विभाग से सेवा निवृत्त चुके हैं। वे भारत में कार्बन नैनो-टेक्नॉलजी के जनक माने जाते हैं। उनकी पत्नी माधुरी ' रिलायंस लाइफसाइंसेज ' के  निदेशक का पद छोड़ चुकी हैं। पति-पत्नी के निर्देशन में 22 वैज्ञानिक नैनो-टेक्नॉलजी के विभिन्न क्षेत्रों में शोध कर रहे हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;माधुरी बताती हैं कि 26 जुलाई 2005 को मुंबई की सड़कों पर पानी ही पानी नजर आ रहा था। सरकार ने प्लास्टिक की थैलियों को इस बाढ़ के लिए जिम्मेदार ठहराया था , जिसकी वजह से नालियाँ बंद हो जाती हैं। यह आशंका भी जताई जाती रही है कि प्लास्टिक की थैलियां कई पीढ़ियों के लिए सिरदर्द बनेंगी , क्योंकि ये हजारों साल तक नष्ट नहीं होंगी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इन हालात में कल्याण के बिरला कॉलेज में सीएसआईआर की सहायता से बने भारत के एकमात्र ' नैनो बॉयो-टेक्नॉलजी सेंटर ' में युद्धस्तर पर काम शुरू हुआ। महीने भर में प्लास्टिक को पिघलाकर मोम (वैक्स) बनाने की तकनीक विकसित की गई। इस वैज्ञानिक जोड़ी ने सितंबर 2005 को महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखकर बताया कि प्लास्टिक के संकट पर हल निकाल लिया गया है। लेकिन ाज तक सरकार ने उनके पत्रका जवाब देना तक उचित नहीं समझ है। लेिकन इनकी उपलब्धि की चमक केंद्रीय पर्यावरण विभाग तक पहुँची और दिल्ली में प्लास्टिक से वैक्स बनाने का संयंत्र कागजों पर दौड़ लगा रहा है। यह संयंत्र वास्तव में आकार ले पाता , इससे पहले शरण दंपती की लैब में प्लास्टिक से पेट्रॉलियम बनाए जाने की नई खबर ने हलचल मचा दी है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ' क्लीन फ्यूल ' है। न तो परीक्षण में किसी तरह की जहरीली गैस निकलती है , न ही कोई केमिकल कचरा बचता है। सभी कुछ या तो वैक्स या पेट्रॉल में बदल जाता है या फिर मीथेन गैस में , जिसका उपयोग फिर ऊर्जा के तौर पर किया जा सकता है। एक और बात यह भी कि इस पेट्रोल में खतरनाक लेड बिल्कुल नदारद है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-8027937343509686524?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/8027937343509686524/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=8027937343509686524' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/8027937343509686524'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/8027937343509686524'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2008/12/blog-post.html' title='प्लास्टिक को सोने में बदला'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-4814208925633027700</id><published>2008-05-16T14:37:00.000-07:00</published><updated>2008-05-16T14:40:44.687-07:00</updated><title type='text'>खाडी के देशों में हिंदी का विकास</title><content type='html'>हिंदी आज केवल भारत की भाषा नहीं है। नेपाल, पाकिस्तान, बांगलादेश और श्रीलंका में तो हिंदी बोली ही जाती है खाडी क़े देशों में से संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, ईराक व सऊदी में भी हिंदी रोज क़ी बोलचाल जैसी भाषा है । दुबई और शारजाह में धनी यूरोपीय और शासक वर्ग के अरबी लोगों को छोड दें तो लगभग हर व्यक्ति हिंदी बोलता और समझता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;            दैनिक जरूरतों के काम करने वाले लोग जैसे घरों में काम करने वाली महिलाएं, टैक्सी ड्राइवर, घर की सफाई का काम करने वाले लोग, सब्जी बेचने वाले, सुपर मार्केट के कर्मचारी और सोने या कपड़े क़ी दूकानवाले सब हिंदी समझते और बोलते हैं। यह सच है कि इसमें से ज्यादातर भारतीय हैं लेकिन जो लोग भारतीय नहीं हैं या जो भारतीय है पर जिनकी मातृभाषा हिंदी नहीं है वे भी यहां हिंदी का प्रयोग करते हैं। उदाहरण के लिए श्रीलंकन महिलाएं जो घर की सफाई का काम करती हैं उनमें से निन्यानबे प्रतिशत हिंदी बोलती हैं। टैक्सी ड्राइवर भले ही अरबी हो पर वह हिंदी बोलना और समझना जानता है। अपने दस साल के प्रवास में मुझे शायद कभी एक टैक्सी ड्राइवर मिला होगा जो हिंदी नहीं जानता होगा। यही नहीं पुलिस अस्पताल हवाई अड्डे और डाकखाने जैसे सभी सरकारी कार्यालयों में लगभग सभी अरबी मूल के लोग हिंदी बोलते हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;            फिर भी हिंदी का विकास यहाँ एक बोली के रूप में हो रहा है । ज्ञान-विज्ञान साहित्य, संस्कृति और कला की समृद्ध भाषा के रूप में जो सम्मान उसको मिलना चाहिए था वह नहीं मिला है। वह प्रतिष्ठित लोगों की भाषा नहीं बन सकी है। हिंदी के नाटक, कवि सम्मेलन और फिल्मों को देखने जो आभिजात्य भीड़ उमडती है वह आपस में बातचीत के लिए भारतीयों की तरह अंग्रेजियत पर ही उतर आती है। इसका एक बहुत बड़ा कारण यह है कि स्वयं भारत के भीतर हम हिंदी को वह सम्मान नहीं दे सके हैं जो उसको मिलना चाहिए। इसी कारण भारतीय दूतावास भी या तो हिंदी के विकास का काम करते ही नहीं या बहुत ही ढीला-ढाला करते हैं ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;            इसकी तुलना में अगर हम विदेशी दूतावासों को देखें तो पता चलेगा कि वे अपनी भाषा के विकास के लिए कितना ज्यादा काम करते हैं। अगर आज विश्व में अंग्रेजी और फ्रेंच भाषाओं की इज्ज़त है तो वह इसलिए कि उस देश के लोग अपनी भाषा के विकास में जो जी-जान लगा रहे हैं उसके पीछे उन देशों की सरकारों का प्रबल सहयोग है। अगर हमें हिंदी के प्रेमी खाडी देशों में अपनी भाषा के विकास का काम करना है तो विदेशी दूतावासों से सबक लेना जरूरी है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;            ब्रिटेन तथा यूनाइटेड स्टेट्स की तरह खाडी क़े देशों में अरबी-हिंदी के संयुक्त प्रयासों को बढाने की जरूरत है। भारत के अनेक विश्वविद्यालयों में अरबी की स्नातक या स्नातकोत्तर पढाई की व्यवस्था है। लेकिन यू. ए. ई. के किसी भी विश्वविद्यालय में हिंदी स्नातक या परास्नातक कक्षाओं में नहीं पढाई जाती है। अगर यहां इसी प्रकार हिंदी की व्यवस्था हो जाए तो हिंदी और अरबी के समकालीन साहित्य के तुलनात्मक अध्ययन की व्यवस्था हो सकती है। इस प्रकार की व्यवस्था दोनों देशों को साहित्यिक और सांस्कृतिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;            मैं बहुत सी ऐसी विदेशी महिलाओं से मिली हूँ जो गृहणियां है। वे खाली समय में हिंदी लिखना, पढना या बोलना सीखना चाहती हैं। अनेक यूरोपीय व अमरीकी छात्र-छात्राएं भारत-पर्यटन के लिए सामान्य हिंदी बोलने व लिखने-पढने की इच्छा रखते हैं। कपडों के उद्योग तथा अन्य कार्यों में लगी अनेक महिलाएं (पुरुष भी) हिंदी सीखना चाहते हैं ताकि वे अपने सहकर्मियों (जो अधिकतर हिंदी में बात करते हैं) के साथ हिंदी बोलने का मज़ा उठा सकें। हम इन सबके लिए विभिन्न स्तरों की हिंदी पढाए जाने की व्यवस्था कर सकते हैं। यह व्यवस्था दूतावास की ओर से हो सकती है या हिंदी संस्थाओं की ओर से या फिर शिक्षा संस्थाओं की ओर से। जिस प्रकार ब्रिटिश और फ्रेंच दूतावास अंग्रेजी और फ्रेंच कक्षाएं चलाते हैं और उनका धुआंधार विज्ञापन करते हैं ऐसी व्यवस्था भारतीय दूतावास से हिंदी के लिए होनी चाहिए।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;            विदेशी दूतावासों में अपनी अपनी भाषा के अति संपन्न पुस्तकालय होते हैं। ब्रिटिश लायब्रेरी तो अंग्रेजी क़ी श्रेष्ठतम पुस्तकों के लिए हर जगह प्रसिध्द होती है। इसी के समकक्ष भारतीय दूतावास में एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हिंदी पुस्तकालय होना चाहिए, जो अन्य पुस्तकालयों से कंप्यूटर द्वारा जुडा हो और अगर कोई पुस्तक पुस्तकालय में उपलब्ध न हो तो उसको एक हफ्ते के अंदर मंगा का दिया जा सके। इसके अतिरिक्त यहाँ किताबों की दुकान चलाने वाले लोगों को हिंदी पुस्तके व पत्रिकाएं बेचने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;            इतनी शिकायतें लिखने का मतलब यह नहीं है कि यहां हिंदी के विकास के लिए कुछ नहीं हो रहा है. प्रवासी भारतीय परदेस जाकर हिंदी तथा भारत का महत्व अधिक गहराई से महसूस करता है। जब तक वह भारत में रहता है तो हिंदी तथा भारतीय संस्कृति उसके लिए घर की मुर्गी दाल बराबर होती है। विदेश में जाकर वहां की चकाचौंध के पीछे छिपी वास्तविकता को देखने के बाद, उसे हिंदी तथा हिंदी में अभिव्यक्त होने वाली भारतीय संस्कृति की याद आती है। इस समय वह हिंदी के विकास और जुडाव में लगता है। प्रवासी भारतीयों में ऐसे हजारों लोग खाडी क़े देशों में भी हिंदी के विकास में संलग्न हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;            यू. ए. ई. में हिंदी कार्यक्रमों का आयोजन करने वाली कई संस्थाएं हैं। ‘प्रतिबिंब’ नामक एक नाटक संस्था भी है जो 1996 से हर वर्ष एक हिंदी नाटक दुबई में खेलते रहे है। प्रतिबिंब नाम की इस अव्यवसायिक संस्था के अध्यक्ष महबूब हसन रिजवी साहब हैं। इस संस्था ने हिंदी की नाटयकला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया है। इसके अतिरिक्त मेरी अपनी पत्रिकाओं अभिव्यक्ति व अनुभूति के चार अंक हर महीने प्रकाशित किए जाते हैं। इन अंकों को पुरालेखों में इस प्रकार व्यवस्थित किया गया है कि वे आज वेब पर हिंदी का सबसे बड़ा साहित्य कोश बन गए हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;            यू. ए. ई. में एफ. एम. के कम से कम तीन ऐसे चैनल हैं जिनपर चौबीसों घंटे हिंदी गाने समाचार और अन्य कार्यक्रम सुने जा सकते हैं। दिन भर इन पर अंतर्राष्ट्रीय उत्पादों के विज्ञापन सुने जा सकते हैं। यह इस बात का सबूत है कि हिंदी खूब लोकप्रिय है और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां अपने माल बेचने के लिए हिंदी के महत्व को गंभीरता से महसूस करती हैं। व्यापार में इस प्रकार हिंदी की अंतर्राष्ट्रीय जरूरत को हिंदी की ताकत समझा जाना चाहिए।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;            बहुत कम लोग जानते हैं कि वेब पर एक 'मध्यपूर्व हिंदी समिति' भी है। इस वेब साइट को कुवैत में रहने वाले जितेन्द्र चौधरी चलाते हैं। इसमें अपना खाता खोलने के बाद आप कोई भी महत्वपूर्ण लेख या सुझाव प्रकाशित कर सकते हैं। इसके जरिये मध्यपूर्व के लेखकों, शिक्षाविदों और हिंदी कर्मियों को जोडा जा सकता है। इस वेब समिति के अंतर्गत हम स्कूलों की अंतर्राष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता या कहानी प्रतियोगिता आयोजित कर सकते हैं। इस समिति का कोई सदस्यता-शुल्क नहीं है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;            यू. ए. ई. में हिंदी लेखन के क्षेत्र में श्री कृष्ण बिहारी ने बहुत महत्वपूर्ण काम किया है. उन्होंने अरबी परिवेश को चित्रित करने वाली सौ से अधिक कहानियां लिखी हैं जो हंस से लेकर दैनिक जागरण तक लगभग हर पत्र पत्रिका में प्रकाशित हुई हैं। अनुवाद के क्षेत्र में कांता भाटिया ने डा मोती प्रकाश के संस्मरणों के हिंदी अनुवाद का महत्वपूर्ण काम किया है। इसके अतिरिक्त यदाकदा लिखने वाले और प्रकाशित होने वाले लेखक और कवि भी कई है जिनकी रचनाएं समय समय पर अभिव्यक्ति और अनुभूति की शोभा बढाती हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;            कुल मिला कर कहा जाए तो संभावनाएं बहुत है पर जिस शक्ति और श्रम के साथ काम करने की जरूरत है वह हम पूरी तरह जुटा नहीं पाए हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-4814208925633027700?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/4814208925633027700/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=4814208925633027700' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/4814208925633027700'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/4814208925633027700'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2008/05/blog-post_5192.html' title='खाडी के देशों में हिंदी का विकास'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-790809965863852256.post-3604788354994395764</id><published>2008-04-02T03:42:00.000-07:00</published><updated>2008-12-12T22:14:28.381-08:00</updated><title type='text'>how to reburn cd</title><content type='html'>जो सीडी एक बार बर्न करने के बाद फीर कभी बर्न नही होता ऊसे हजारो बार बर्न करें।&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_0KADXpaKI5g/R_DYbK4iy5I/AAAAAAAAARE/De_tQHGN-ks/s1600-h/burn_cd_ko_burn_kare.JPG"&gt;&lt;/a&gt;एक बार सी.डी बर्न होने के बाद फीर कभी बर्न नही होता पर मै आपको बताता हू की पहले से ही बर्न सी.डी को कैसे बर्न करेंगेईस वीधी से आपके बहूत से सी.डी बचेंगे जो सी.डी के 702 एम.बी मे सीर्फ १०० एम.बी का ही प्र्योग कर के बर्न कर देते हैं और जो बचा होता है वो बेकार ही जाता है उस्का कोई य़ूज नही होता।&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_0KADXpaKI5g/R_ErZK4iy7I/AAAAAAAAARU/wo9SS4hlLEo/s1600-h/Nero+StartSmart.JPG"&gt;&lt;/a&gt;क्या आपके पास नीरो का सोफ्ट्वेयर है? अगर हां तो ठीक है और अगर नही है तो आप ईसे सी.डी ड्राईव की मद्त से कर सकतें हैं।सबसे पहले नीरो को खोलें फीर "मेक डाटा डीस्क" पर क्लिक करें और कोई भी फाईल चूने जीसे बर्न करना होगा। यदी आपने कोई २ या तीन फाईल चूनी है जीसका साईज 400 MB हो। अब सीडी मे 202MB का स्पेस बचता है। अब नेक्सट पर क्लिक कर दें अब आपको एक मेनू दीखेगा स्क्रीन साट मे वो मेनू देखें। अब "Allow &lt;a id="AdBriteInlineAd_files" style="BACKGROUND: url(http://files.adbrite.com/mb/images/green-double-underline-006600.gif) repeat-x 50% bottom; MARGIN-BOTTOM: -2px; PADDING-BOTTOM: 2px; CURSOR: pointer; COLOR: #006600; TEXT-DECORATION: none" target="_top" keyword="files" display="inline"&gt;Files&lt;/a&gt; to be &lt;a id="AdBriteInlineAd_added" style="BACKGROUND: url(http://files.adbrite.com/mb/images/green-double-underline-006600.gif) repeat-x 50% bottom; MARGIN-BOTTOM: -2px; PADDING-BOTTOM: 2px; CURSOR: pointer; COLOR: #006600; TEXT-DECORATION: none" target="_top" keyword="added" display="inline"&gt;added&lt;/a&gt; later (Multisession disc )" ईस मेनू को सलेक्ट कर दें। अब बर्न पर क्लिक कर दें। अब जब बर्न हो जाए तो ऊसे नीकाल ले।अब मान लें की आपको कूछ ही दीन बाद एक और फाईल सीडी मे राईट कर्ना हो तो आप ऊसी बर्न सीडी मे आप दोबारा कोई फाईल बर्न कर दें। पहले से जो फाईल है सीडी मे ऊसको डीलीट भी कर सकतें हैंऊपयोगीता --&gt; आपका रीजयूम जीसे अपडेट करना हो।--&gt; कोई भी डाटा।एक ही सीडी कई बार प्रयोग करें ० है ना मजे की बात!!&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/790809965863852256-3604788354994395764?l=shekhawat-prelad123.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/feeds/3604788354994395764/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=790809965863852256&amp;postID=3604788354994395764' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/3604788354994395764'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/790809965863852256/posts/default/3604788354994395764'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://shekhawat-prelad123.blogspot.com/2008/04/how-to-reburn-cd.html' title='how to reburn cd'/><author><name>प्रहलाद सिंह शेखावत</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12751505283672402769</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='25' height='32' src='http://bp0.blogger.com/_ZRp_V7J5xvw/SBI1nCCYrVI/AAAAAAAAAAM/JVvsH6uXEKc/S220/doc-02.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry></feed>
