सुबह उठकर आप जिस टूथपेस्ट से ब्रश कर रहे हैं वह आपके अंदर जहर पहुँचा रहा है। एक टूथपेस्ट में 9 सिगरेट के बराबर निकोटिन हो सकता है। यह दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड रिसर्च (डिपसार) ने अपनी जाँच में पाया है।
डिपसार ने जाँच में पाया कि करीब-करीब सभी टूथपेस्ट कंपनियाँ लोगों के दाँतों को बर्बाद करने में जुटी है। डिपसार के पूर्व निदेशक व प्रोफेसर डॉ. एसएस अग्रवाल के मुताबिक बाजार से सभी प्रचलित कंपनियों का पेस्ट लेकर जाँच की गई।
इसमें 11 पेस्ट व दंतमंजन में निकोटिन की मात्रा बहुत अधिक पाई गई। पेस्ट में यूजीनॉल और टार भी बड़ी मात्रा में पाई गई है। फ्लोराइड भी जबरदस्त मात्रा में मिला है। किसी-किसी पेस्ट व मंजन में 18 मिलीग्राम तक निकोटिन मिला है।
एक सिगरेट में दो से तीन मिलीग्राम निकोटिन होता है। इस हिसाब से देखें तो एक पेस्ट व दंत मंजन में आठ से नौ सिगरेट के बराबर निकोटिन पाया गया है। निकोटिन दिमाग को ताजगी देता है।
पेस्ट निकोटिन की वजह से ही ताजगी का अहसास कराता है। यूजीनॉल दर्द को कम करता है। इसे कंपनियाँ दाँत दर्द के लिए उपयोग में लाती हैं पर दिल की धमनियों पर इसका बुरा असर पड़ता है। टूथपेस्ट में मिला टार कैंसर का बड़ा कारक है। यह पेट पर भी प्रभाव डालता है। इससे भूख कम लगती है।
Thursday, September 15, 2011
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